एलर्जी (ALLERGY)

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एलर्जी एक प्रकार से त्वचा की प्रतिक्रिया होती है, जो आम तौर पर किसी विशेष भोजन, कपड़े या ड्रग्स आदि जैसे पदार्थों के खिलाफ अपना रिएक्शन देती है। एलर्जी उत्पन्न करने वाले पदार्थ एलर्जन होते हैं, जो शरीर से बाहर की वस्तुओं से बनते हैं।

एलर्जी बहुत आम होती हैं, विशेष रूप से बच्चों में। कुछ बच्चों में उनके बड़े होने के साथ-साथ उनकी एलर्जी भी गायब हो जाती हैं, लेकिन कुछ बच्चों में यह लंबे समय तक रह सकती है।

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Description

एलर्जी के प्रकार – Types of Allergic reaction

एलर्जी के कितने प्रकार हो सकते हैं?

एलर्जी कई प्रकार की होती हैं।  इनमें निम्न दी गई कुछ सबसे आम एलर्जी –

  • ड्रग एलर्जी (दवाओं आदि से होने वाली एलर्जी) – किसी दवा आदि से प्रभावित होकर प्रतिरक्षा प्रणाली द्वारा एक असामान्य प्रतिक्रिया (रिएक्शन) करना।
  • खाद्य पदार्थों से एलर्जी – किसी विशेष प्रकार के खाद्य पदार्थों का सेवन करने के बाद, प्रतिरक्षा प्रणाली द्वारा एक अप्रिय या खतरनाक रिएक्शन मिलना।
  • संपर्क से होने वाले चर्मरोग (dermatitis) – किसी पदार्थ को छूने या उसके संपर्क में आने से त्वचा में लाल चकत्ते आदि बनना।
  • लेटेक्स से होने वाली एलर्जी – कुछ प्रकार की प्रोटीन से एलर्जिक रिएक्श होना, जो प्रोटीन प्राकृतिक रबड़ लेटेक्स में पाई जाती है।
  • एलर्जिक अस्थमा – उसी पदार्थ से शुरू होने वाला अस्थमा, जो पदार्थ एलर्जिक रिएक्शन को ट्रिगर करता है।
  • मौसमी एलर्जी – एक एलर्जी प्रतिक्रिया जो आंखों में पानी, खुजली, छीकें और इनसे जुड़ी अन्य चीजें पैदा करती है।
  • जानवरों से एलर्जी – जनवरों की लार, मूत्र और त्वचा की कोशिकाओं से प्रतिरक्षा प्रणाली में होने वाला असामान्य रिएक्शन।
  • ऐनाफिलेक्सिस (Anaphylaxis) – एक गंभीर औऱ संभावित रूप से जीवन के लिए खतरा उत्पन्न करने वाला एलर्जिक रिएक्शन।
  • फफूंदी (mold) से एलर्जी – फफूंदी के बीजाणुओं के कारण होने वाली असामान्य एलर्जिक प्रतिक्रिया

एलर्जी के लक्षण – Allergy Symptoms

एलर्जी के लक्षण क्या होते हैं?

जिन चीजों से आपको एलर्जी हैं, उनके संपर्क में आने के कुछ ही मिनटों के भीतर आपको एलर्जी की प्रतिक्रिया के लक्षण महसूस होने लग सकते हैं। हालांकि कई बार लक्षण धीरे-धीरे कुछ घंटों में विकसित होते हैं।

एलर्जी की समस्या के कारण रोज की गतिविधियों में बाधा आने लग सकती है, हालांकि ज्यादातर एलर्जी हल्की ही होती हैं। कई बार एलर्जी की गंभीर प्रतिक्रिया को एनाफिलेक्सिस (anaphylaxis; जीवन के लिए खतरनाक एलर्जी) कहा जाता है, जो कि एक गंभीर एलर्जी प्रतिक्रिया होती है।

अगर एलर्जी करने वाला कोई पदार्थ सांस के द्वारा शरीर के अंदर प्रवेश करता है, तो आमतौर पर वह नाक, आंख या फेफड़ों को प्रभावित करता है। और अगर किसी एलर्जिक पदार्थ को खाया या पिया जाता है, तो संभावित तौर पर वह मुंह, पेट या आंतों को प्रभावित करता है।

मौसमी एलर्जी के लक्षण हल्के से लेकर गंभीर तक हो सकते हैं, जिनमें आम प्रकार के लक्षणो में निम्न शामिल हैं:

  • छींक आना
  • नाक बहना या रूकना
  • आंखों से पानी आना या खुजली होना
  • साइनस, गले, या कान के छिद्रों में खुजली
  • कान की बंद होना (कान में द्रव भरना)
  • पोस्ट-नेजल ड्रेनेज (मुंह से बलगम आना)
  • होंठ, जीभ, आँखों या चेहरे पर सूजन
  • पेट में दर्द, बीमार महसूस होना,
  • मतली या उल्टी, दस्त
  • सूखी, लाल या रुखी त्वचा

 

लक्षण जो काम सामान्य हैं, जिनमें शामिल हैं

  • सिर दर्द
  • सांस लेने में परेशानी
  • घरघराहट (wheezing)
  • खाँसी

कुछ विरले मामलों में एलर्जी एक गंभीर एलर्जिक प्रतिक्रिया को जन्म देती है, जिसे एनाफिलेक्सिस (anaphylaxis) या एनाफिलेक्टिक शॉक (anaphylactic shoc) कहा जाता है, जो जीवन के लिए काफी खतरनाक साबित हो सकता है।

इसका प्रभाव पूरे शरीर पर पड़ता है, और एलर्जिक पदार्थों के संपर्क में आने से यह कुछ ही मिनटों के भीतर विकसित होने लग जाता है।

एनाफिलेक्सिस के लक्षणों में उपरोक्त में से कोई भी लक्षण शामिल हो सकता है, और उनके साथ-साथ निम्न लक्षण भी हो सकते हैं:

  • गले और मुँह में सूजन
  • सांस लेने में तकलीफ
  • चक्कर आना
  • उलझन (विभ्रान्ति)
  • त्वचा या होंठ नीले पड़ जाना
  • चेतना खोना या बेहोश होना

एनाफिलेक्सिस एक मेडिकल आपात स्थिति है, जिसको तत्काल उपचार की आवश्यकता होती है।

 

एलर्जी के कारण – Allergy Causes

एलर्जी के कारण व जोखिम कारक क्या हैं?

एलर्जी की समस्या किसी व्यक्ति को जन्म से (वंशागत) भी मिल सकती है।

पर्यावरण के कारक भी यह निर्धारित करने में भूमिका निभाते हैं कि कब और किस व्यक्ति को एलर्जिक करना है।

हर शरीर में एंटीबॉडीज होते हैं, जो प्रतिरक्षा प्रणाली के एजेंट होते हैं, और शरीर में घुसने वाले बाहरी कण से लड़ते हैं। एलर्जी से ग्रसित शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली हानिकारक और गैर-हानिकारक पदार्थों के बीच अंतर नहीं बता पाती। अगर आपको एलर्जी है, तो आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली एंटीबॉडीज का निर्माण करती है, जो कुछ विशेष पदार्थों को हानिकारक समझ लेते हैं, भले ही वह खतरनाक ना हो।

हालांकि, एलर्जी को विकसित करने वाले कारणों की कोई जानकारी नहीं है, लेकिन कुछ ऐसे पदार्थ हैं जो आमतौर पर एलर्जी प्रतिक्रिया उत्पन्न करते हैं। अगर किसी व्यक्ति को एलर्जी है, तो वह निम्न में से एक या दो कारणों से हो सकती है –

  • पशुओं के बालों की रूसी,
  • मधुमक्खी या अन्य कीड़ों द्वारा काटना,
  • कुछ खाद्य पदार्थ, जिनमें नट्स, सीपदार मछली, और अनाज शामिल हैं,
  • कुछ दवाएं, जैसे पेनिसिलिन या एस्पिरिन,
  • कुछ प्रकार के पौधे,
  • पराग या फफूंदी आदि,
  • धूल के कण।

 

एलर्जी से बचाव – Prevention of Allergy

एलर्जी की रोकथाम कैसे की जा सकती है?

एलर्जी रिएक्शन की रोकथाम करने का सबसे बेहतर तरीका उन पदार्थों से दूर रहना होता है, जो एलर्जी का कारण बनते हैं हालांकि यह हर बार आसान और व्यवहारिक नहीं होता।

नीचे कुछ व्यवहारिक सलाह दी गई हैं, जो आपको सबसे सामान्य एलर्जी के कारणों से दूर रहने में मदद कर सकती हैं।

घर की धूल के कीट (House dust mites)

धूल के कण (कीट) एलर्जी के सबसे बड़े कारणों में से एक होते हैं, ये अत्यंत छोटे कीट होते हैं, जो घर की चीजों में पाए जाते हैं। आप निम्न तरीकों को अपनाकर इन कीटों की संख्या को कम कर सकते हैं।

  • घर में कालीन (carpets) ना बिछाएं
  • पर्दे, तकिए और नरम खिलौने (जैसे टैडी बियर) आदि को धोकर साफ रखें (इन्हें गर्म पानी में धोएं)
  • सूखी धूल को हवा में उड़ाने से बचें, क्योकिं इससे कीट हवा के माध्यम से अन्य चीजों में फैल जाते हैं।

जानवर

  • जितना हो सके, पालतू जानवरों को बाहर रखें
  • पालतू जानवरों को बेडरूम में ना आने दें
  • हफ्ते में एक बार उनको नहलाएं
  • पंखे और खिड़की आदि खोलने की मदद से घर को हवादार रखें

मोल्ड बीजाणु (Mould spores)

फफूंदी से निकलने वाली बारीक कण कुछ लोगों में एलर्जी का कारण बन सकते हैं। निम्न की मदद से इनकी रोकथाम करने में मदद मिल सकती है:

  • घर को सूखा तथा हवादार रखें।
  • घर की छत के नीचे किसी भी प्रकार का पौधा ना लगाएं।
  • घर के अंदर कपड़े ना सुखाएं।
  • अगर अल्मारी में नमी हो तो उसमें कपड़े ना रखें।
  • नम इमारतों, नम लकड़ी और गली-सड़ी पत्तियों से दूर रहने की कोशिश करें।

खाद्य पदार्थों से एलर्जी

  • घर पर पका खाना खाने की कोशिश करें
  • अगर आप बाहर खाना खाते हैं, तो अपनी एलर्जी को ध्यान में रखते हुऐ बाहर अपने लिए भोजन तैयार करवाएं।

हे-फीवर (परागज ज्वर)

पराग से होने वाली एलर्जी को हे-फीवर या परागज-ज्वर कहा जाता है। और यह तब होता है, जब पेड़ पोधे और घास आदि के छोटे-छोटे कण हवा में मिल जाते हैं।

हे-फीवर को कंट्रोल करने के लिए निम्न काम किये जा सकते हैं,

  • अपनी आंखों को बचाने के लिए पूरी तरह से ढकने वाला चश्मा पहने।
  • जहां तक संभव हो खिड़की व दरवाजे बंद रखें।
  • घर आने के बाद नहाएं और कपड़े बदलें।
  • घास वाले क्षेत्रों में बचने की कोशिश करें, जैसे पार्क व खेत आदि।

कीट के काटने और डंक मारने से एलर्जी

अगर पहले कभी किसी कीट या मक्खी आदि के काटने से आपको एलर्जी का रिएक्शन हुआ है, तो आगे जोखिम को कम करने के लिए सावधानी रखना जरूरी है। जब आप घर से बाहर होते हैं, खासकर गर्मी के दिनों में आपको निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए:

  • बिना ढकी हुई त्वचा को ढक कर रखें
  • जूते पहन कर रखें
  • शक्तिशाली इत्र व सुगंध वाली चीजों का इस्तेमाल ना करें, क्योकिं ये कीटों को आकर्षित करते हैं।

डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

  • अगर आपको 3 से ज्यादा महीनों तक बहती या रूकी हुई नाक, खांसी, आखों से पानी आना आदि जैसे लक्षण महसूस हो रहे हैं। या अगर ये लक्षण आपके काम करने या सोने आदि में परेशानी उत्पन्न करते हैं तो डॉक्टर को दिखान लेना चाहिए।
  • अगर आपने मेडिकल स्टोर से कुछ दवाइयों सा सेवन किया है, और अभी भी उपचार की जरूरत है।
  • अगर आपको साइनस में संक्रमण, सिर दर्द, नाक रूकना और कान में संक्रमण जैसी समस्या है।
  • अगर आपको अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हैं, जैसे हृद्य संबंधी बीमारियां, थायरॉयड की बीमारियां, शुगर, मोतियाबिंद, उच्च रक्तचाप, लिवर रोग, या गुर्दे संबंधी रोग आदि हैं। अगर आपको ऐसी बीमारियां हैं, तो आप बिना डॉक्टर की सलाह लिए किसी भी प्रकार की दवा का सेवन ना करें, ऐसा करना हानिकारक सिद्ध हो सकता है। किसी भी प्रकार की दवाएं लेने से पहले डॉक्टर से बात करें।

Additional information

Treatment Days

15 DAYS, 30 DAYS, 60 DAYS

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